JS News 24 / Mon, Jun 8, 2026 / Post views : 247
पीलीभीत:- बिलसंडा क्षेत्र के ऐतिहासिक और पूजनीय स्थल श्री सिद्ध लंगड़े बाबा आश्रम के जीर्णोद्धार की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। आश्रम के जीर्णोद्धार को लेकर पिछले 18 दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर बैठे आंदोलनकारी की सुध लेने अभी तक शासन-प्रशासन का कोई भी सक्षम अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। प्रशासन की इस घोर उपेक्षा और बेरुखी से क्षुब्ध होकर अब आंदोलनकारी महांत सत्य गिरी महाराज ने आगामी 10 तारीख को 'जिंदा समाधि' लेने का एक बड़ा और अटल निर्णय ले लिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
पहले भी मिले सिर्फ खोखले आश्वासन
आंदोलनकारी महांत सत्य गिरी महाराज का कहना है कि आश्रम के जीर्णोद्धार को लेकर पूर्व में भी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कई बार सिर्फ आश्वासन दिए गए, लेकिन धरातल पर आज तक कोई नया निर्णय या ठोस कदम नहीं उठाया गया। बार-बार मिल रहे धोखे और पूजनीय स्थल की दुर्दशा को देखकर अब यह बड़ा कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा है।
क्षेत्रवासियों और नगरवासियों से भावुक अपील
आंदोलनकारी ने बिलसंडा नगर और आसपास के समस्त क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए एक बेहद भावुक संदेश जारी किया है। जिस नगर या क्षेत्र में साधु-संत और आस्था के केंद्र उपेक्षित रहते हैं, वहां का कल्याण नहीं हो सकता। मैंने अब यह अटल निर्णय ले लिया है कि जो लंगड़े बाबा को मंजूर होगा, वही होगा। आगामी 10 तारीख को मैं जिंदा समाधि लूंगा। मेरी सभी नगरवासियों और क्षेत्रवासियों से विनम्र अपील है कि वे 10 तारीख से पहले-पहले श्री सिद्ध लंगड़े बाबा आश्रम पर एकत्र हों, वहां एक संगोष्ठी करें और विशाल भंडारे का आयोजन करें। इसी में पूरे नगर का कल्याण है। इस बात को पूरी गंभीरता से लें और लंगड़े बाबा के दरबार में पहुंचकर इस समाधि को सफल बनाएं।
प्रशासनिक अमले में मचेगा हड़कंप
18 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे व्यक्ति द्वारा 'जिंदा समाधि' जैसी आत्मघाती और बड़ी घोषणा किए जाने के बाद अब स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि समय रहते प्रशासन ने इस मामले को संज्ञान में नहीं लिया और आश्रम के जीर्णोद्धार को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं किया, तो 10 तारीख को स्थिति बेहद विस्फोटक हो सकती है। फिलहाल इस खबर के बाद से बिलसंडा और बीसलपुर क्षेत्र के आम नागरिकों में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल है।
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