JS News 24 / Tue, Jan 20, 2026 / Post views : 525
पीलीभीत:- पीलीभीत जिले में पकड़ी गई नकली कफ सीरप फैक्ट्री, भारी मात्रा में कफ सिरप की शीशियाँ तथा कफ सिरप बनाने के उपकरण बरामद, मास्टरमाइंड झोलाछाप डॉक्टर गिरफ़्तार।
पीलीभीत पुलिस द्वारा की गई छापेमारी के क्रम में थाना घुंघचाई पुलिस द्वारा अवैध कफ सिरप बनाने की फैक्ट्री का पर्दाफाश करते हुए अभियुक्त सुरेश कुमार पुत्र कामता प्रसाद निवासी लाह, थाना पूरनपुर, जनपद पीलीभीत को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के कब्जे से 340 अदद Topex Gold एवं 35 अदद Coyorex-T कफ सिरप की शीशियाँ तथा कफ सिरप बनाने से सम्बन्धित सामग्री, जिसमें 05 पैकेटों में 488 नई खाली शीशियाँ (बिना ढक्कन), 110 रैपर, 1939 ढक्कन, 03 स्प्रिट से भरी शीशियाँ, एक छोटा गैस सिलेंडर एवं एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। बरामदी के आधार पर मु0अ0सं0 07/2026 धारा 318(4)/338/336(3)/340(2)/276/277/278 बीएनएस व 103/104 ट्रेड मार्क एक्ट थाना घुंघचाई में अभियुक्त के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की जा रही है।
पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह वर्ष 2003 में सिटी अस्पताल पीलीभीत में कम्पाउंडरी का कार्य करता था तथा लगभग 3 वर्ष कार्य करने के बाद अपने गाँव आकर लोगों को जुकाम, बुखार व खाँसी की दवाइयाँ देने के लिए छोटा क्लीनिक खोल लिया। इसके अतिरिक्त वह थाना खुटार क्षेत्र, जनपद शाहजहाँपुर के मझगंवा गाँव में भी क्लीनिक चलाने लगा। अभियुक्त ने लगभग 2 वर्ष पूर्व यूट्यूब से नकली कफ सिरप बनाने की जानकारी प्राप्त कर घर पर ही नकली कफ सिरप बनाना शुरू कर दिया। कोरेक्स कफ सिरप की बिक्री बंद होने के कारण उसने Topex Gold व Coyorex-T के रैपर जैसी छपाई कराई और स्प्रिट, ऑरेंज फ्लेवर नम्बर-1, DX सिरप के घोल व चीनी के शीरे से नकली कफ सिरप तैयार करने लगा। उसने जनपद बरेली से खाली शीशियाँ व ढक्कन मंगवाए तथा छोटे गैस सिलेंडर की सहायता से 20 शीशियों की लेमिनेशन युक्त पैकिंग कर उन्हें असली जैसा रूप देता था।
अभियुक्त ने बताया कि वह उक्त कफ सिरप की पेटियाँ साई मेडिकल स्टोर पूरनपुर, गिरिराज मेडिकल स्टोर पूरनपुर एवं उमापति मंडल को देता था तथा गाँव-कस्बों में नशेड़ियों को 80 से 100 रुपये प्रति शीशी के हिसाब से बिक्री करता था। उसे 10 शीशियाँ बनाने में 75-80 रुपये का खर्च आता था, जबकि वही 600-800 रुपये में बिक जाती थीं, जिससे उसका लालच बढ़ता गया। वह एक बार में लगभग 350 शीशियाँ तैयार करता था तथा बिक्री पूर्ण होने के बाद ही नई खेप बनाता था। नकली कफ सिरप में कुछ मात्रा में असली सिरप व स्प्रिट मिलाने से उसका स्वाद असली जैसा हो जाता था, जिससे नशेड़ियों में उसकी मांग अधिक रहती थी। बरामदगी एवं गिरफ्तारी से अवैध नकली दवाओं की बिक्री पर नियंत्रण लगेगा। आमजन से अपील है कि दवा लेते समय बारकोड व विश्वसनीयता की जाँच करें तथा मेडिकल स्टोर संचालक बिना बिल के दवाइयाँ न खरीदें। अभियुक्त द्वारा बताए गए मेडिकल स्टोरों एवं नशेड़ियों के सम्बन्ध में आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।
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