05 Jun 2026
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पीलीभीत कि सियासत पर पैनी नजर : 127 विधानसभा में फूल बाबू के चुनाव लडने से क्या बिगड़ेंगे समीकरण

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पीलीभीत :- 127 सदर विधानसभा में समाजवादी पार्टी कि सियासत कि बात करें तो जिले में पार्टी का अपना कार्यालय न होना एक बड़ी वजह है यही कारण है कि पार्टी से टिकट के दावेदार अपना अपना कार्यालय स्वंय चला रहे हैं और युसूफ क़ादरी, मोहम्मद आरिफ का सपा ज्वाइन करने के बाद फूल बाबू के स्वागत कार्यक्रम से दूरी बनाना कहीं न कहीं कुछ न कुछ तो संदेश देता है जबकि पूर्व मंत्री के आने से जिले के समाजवादीयो में कुछ तो उथल-पुथल चल रही हैं अब देखना होगा कि समाजवादियों कि नाराजगी का असर आगामी विधानसभा में प्रबल मुद्दा न बन जाए इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।

127 विधानसभा में सपा से चुनाव की दावेदारी में नफीस अहमद, युसूफ क़ादरी, मोहम्मद आरिफ पूर्व मंत्री के सपा ज्वाइन करने से पहले प्रमुख नाम थे लेकिन सपा ज्वाइन करने के बाद से फूल बाबू का भी नाम प्रमुख हो गया है और कयास लगाए जा रहे कि उनकी छवि और अनुभव के आगे अन्य नाम कहीं पीछे न‌ छूट जाए अब देखना होगा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष किस को अपना आशीर्वाद देते हैं।

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जिले में संगठन कि बात करें तो जिले के अध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा लगातार पार्टी के लिए संघर्षरत हैं 19 फरवरी कि रात को पार्टी के जिला उपाध्यक्ष मखदूम खान को पुलिस ने रात के 11 बजे जेल भेज दिया जिसके बाद गुस्साएं जिलाध्यक्ष ने रिहाई को लेकर आवाज उठाई और 20 फरवरी को दिन में लगभग 1 बजे पार्टी कार्यालय से नारे लगाते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां पर ज्ञापन देकर तत्काल रिहाई की बात रखी लेकिन इस धरना प्रदर्शन में फूल बाबू, युसुफ क़ादरी और नफीस अंसारी मौजूद रहे फिर भी 50 लोगों से अधिक की संख्या न होने को लेकर भी संगठन पर सवालियां निशान लग रहे हैं।

अब देखने वाली बात यह होगी कि अगर 127 विधानसभा में समाजवादी पार्टी के दावेदारों में नाराजगी रही तो फिर से कहीं हार का सामना न करना पड़ जाए इसके लिए अभी से फील्डिंग लगानी शुरू करनी होगी। और जीत तक पहुंचने के लिए आपसी गुटबाजी को समाप्त कर पार्टी को मजबूत करना होगा तभी जीत हासिल की जा सकती है।

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