: बसपा कि सक्रियता क्या बिगाड़ेगी सपा का खेल, पढे
JS News 24
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Thu, Apr 11, 2024
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0-भाजपा प्रत्याशी के लिए स्टार प्रचारक ऐढी से लेकर चोटी तक लगा रहे जोर
0- वर्तमान सांसद कि चुप्पी न टूटना कहीं पड़ना जाए भाजपा को भारी
लोकसभा चुनाव स्पेशल:- 2024 लोकसभा चुनाव का शंखनाद होने के बाद 26 लोकसभा पीलीभीत में पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान होना है जिसको लेकर भाजपा, सपा व बसपा ने अपने अपने प्रत्याशियों कि जीत के लिए चुनाव प्रचार में चोटी से ऐढी तक का जोर लगाना शुरू कर दिया है इसी क्रम में भाजपा के नम्बर 1 के स्टार प्रचारक मोदी ने और प्रदेश के योगी जी ने भाजपा कि जीत के लिए प्रचार किया तो वहीं सपा के स्टार प्रचारक अखिलेश यादव 12 अप्रैल को अपने प्रत्याशी के लिए सभा करेंगे साथ ही साथ बसपा कि स्टार प्रचारक बहन कुमारी मायावती कि भी 15 अप्रैल को सभा करने कि चर्चा जोरों पर है ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि बसपा कि सक्रियता कहीं बिगाड़ न दे सपा का खेल, भाजपा का प्रचार चल रहा तेज।
मतदाताओं का जातिगत आंकड़ा
26 लोकसभा पीलीभीत के चुनाव में अट्ठारह लाख इकत्तीस हजार छ सौ निन्यानवे मतदाता अपना मतदान करेंगे। जिसमें अगर बात करें तो मुस्लिम मतदाता लगभग चार लाख सत्तर हजार कुर्मी मतदाता लगभग दो लाख पचास हजार लोध किसान मतदाता लगभग तीन लाख है। शेष अन्य बिरादरियो के लगभग आठ लाख ग्यारह हजार छ सौ निन्यानवे मतदाता हैं। यहां पर बसपा ने मुस्लिम प्रत्याशी अनीस अहमद खां उर्फ फूल बाबू को चुनावी मैदान में उतारा है वह बसपा मे 130 विधानसभा से तीन बार के विधायक और राज्यमंत्री रहे हैं। इंडिया गठबंधन के सपा प्रत्याशी भगवत शरन गंगवार भी अलग-अलग सरकार मे पांच बार के विधायक और राज्य मंत्री रहे हैं। भाजपा ने वर्तमान सांसद वरुण गांधी का टिकट काट कर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद पर अपना भरोसा जताया है, जो कि ब्राह्मण समाज से है।
स्थानीय प्रत्याशी बनाम बहारी प्रत्याशी
पीलीभीत में लगभग बीते तीन दशक से मेनिका गांधी व वरुण गांधी का कब्जा रहा है। गांधी परिवार को लगभग हर बिरादरी से मतदान होता था, इसलिए वह बड़ी जीत से जीत कर संसद में पहुंचते थे। 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान पीलीभीत में बहारी हटाओ स्थानीय लाओ के नारे लगे थे तब भी वर्तमान सांसद वरुण गांधी भारी मतों से विजय होकर संसद पहुंचे थे। 2024 लोकसभा चुनाव का शंखनाद होते ही बहारी हटाओ स्थानीय लाओ के नारे लगे लेकिन बीजेपी ने वर्तमान सांसद वरुण गांधी का टिकट काट कर बहारी को दिया। जिसको लेकर स्थानीय नेताओं में अन्दर खाने व मतदाताओ में बहारी को चुनाव हराने का काम जोरों पर चल रहा है। लेकिन भाजपा और सपा दोनों प्रत्याशी बहारी होने के कारण मतदाता क्या बसपा के स्थानीय प्रत्याशी पर भरोसा जता पाएगा।
बिरादरियों को साधने में लगे प्रत्याशी
भाजपा, सपा और बसपा के प्रत्याशीयो कि बिरादरियों के हिसाब से अगर बात करें तो भाजपा प्रत्याशी का मतदाता कम मात्रा में है। लेकिन वह मोदी के नाम पर मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने पर मतदाताओं से मतदान करने कि अपील रहे हैं। तो वहीं सपा कि अगर बात करें तो वह कुर्मी और मुस्लिम मतदाता को अपना मतदाता समझा कर अन्य मतदाताओं से अपने फेवर में मतदान करने कि अपील कर रहे हैं। लेकिन बसपा ने यहां पर अपना मुस्लिम प्रत्याशी उतारा है, और यहां पर मुस्लिम मतदाता भी सबसे अधिक मात्रा में है तो वह दलित और मुस्लिम मतदाताओं को अपना बता कर अन्य मतदाताओं से मतदान कि अपील कर रहे हैं। ऐसे में अगर 26 लोकसभा का मुस्लिम मतदाता बसपा के साथ चला गया तो क्या सपा का बिगड़ेगा खेल, क्या भाजपा कि होगी इस पर नजर।
पीलीभीत के मतदाताओं के मन कि बात
26 लोकसभा के मतदाताओं से जब हमने पूछा कि आप इस बार किस प्रत्याशी के लिए मतदान करेंगे और क्यों करेंगे तो मतदाताओं ने सपा, भाजपा और बसपा को मतदान कि बात तो कही लेकिन मतदाताओं के बीच 2019 में सपा से लोध किसान बिरादरी के नेता हेमराज वर्मा चुनाव लड़ें और दूसरे स्थान पर रहे कुछ समय पहले वह सपा छोड़ भाजपा में शामिल हुए और लोकसभा का टिकट मांगा और नहीं दिया और वरुण गांधी का टिकट कटा क्योंकि उन्होंने किसान आंदोलन सहित अन्य मुद्दों पर अपनी ही सरकार को घेरा यह सब सवालों को लेकर मतदाता अभी शांत बैठा हुआ है। इसलिए 26 लोकसभा पीलीभीत का चुनाव अभी तक दिलचस्प बना हुआ है।